दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन प्रियंका सिंह को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने झटका देते हुए उनके खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी (एफआईआर) को खारिज करने से सोमवार को इंकार कर दिया। प्रियंका पर आरोप है कि उन्होंने अपने भाई सुशांत की मेडिकल पर्ची में कथित तौर से फर्जीवाड़ा किया है, जिसके बाद उनके ऊपर एफआईआर दर्ज कराई गई। न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने हालांकि राजपूत की दूसरी बहन मीतू सिंह के विरूद्ध दर्ज प्राथमिकी खारिज कर दी।

दूसरी तरफ, अदालत ने कहा कि प्रियंका सिंह के खिलाफ प्रथम दृष्टि में सबूत है, लेकिन मीतू सिंह के खिलाफ मामला कही भी नहीं टिकता है। दरअसल, दोनों ही बहनों ने सुशांत सिंह राजपूत के चिंता/अवसाद संबंधी मुद्दों के सिलसिले में उनके लिए मेडिकल पर्ची में फर्जीवाड़ा करने को लेकर दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने की मांग करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

बांद्रा पुलिस ने पिछले साल सात सितंबर को प्रियंका सिंह, मीतू सिंह और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टर तरूण कुमार के विरूद्ध सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत के अनुसार, सुशांत सिंह राजपूत की बहनों और डॉक्टर ने उनके लिए (राजपूत) फर्जी पर्ची तैयार की थी। सुशांत सिंह राजपूत (34) पिछले साल 14 जून को मुंबई के उप-नगरीय क्षेत्र बांद्रा में अपने घर में मृत पाये गये थे। सुशांत के पिता के के सिंह ने रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ राजपूत को आत्महत्या के लिए मजबूर करने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था, जिसकी सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।

सुशांत सिंह राजपूत की बहनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद बांद्रा पुलिस ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मामले के सारे कागजात सीबीआई के पास भेज दिए। शीर्ष अदालत ने कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सभी मामलों की जांच सीबीआई करेगी।