असम के मशहूर सिंगर व एक्टर जुबीन गर्ग को 6 महीने जेल की सजा सुनाई गई है। जुबीन पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कामरुप की  मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हमले और आपराधिक धमकी के एक मामले में जुबीन को दोषी करार देते हुए 6 माह जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुबीन को आईपीसी की धारा 323 और 506 के तहत दोषी करार दिया।

2013 में वकील अरुप बोरबोरा ने गीतानगर पुलिस थाने में जुबीन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अरुप बोरबोरा ने जुबीन पर उनके नाबालिग बेटे को पीटने व धमकी देने का आरोप लगाया था। कथित रूप  रूप से बोरबोरा का बेटा सार्वजनिक जगह पर धूम्रपान कर रहा था। जुबीन ने इस पर आपत्ति व्यक्त की। कई बार विरोध करने पर भी जब बोरबोरा का बेटा धूम्रपान करता रहा तो जुबीन ने उसको चांटा मार दिया।
बोरबोरा के मुताबिक जुबीन ने उनके नाबालिग बेटे पर हमला किया। यही नहीं जुबीन ने अपने निजी सुरक्षा अधिकारियों को उसे पकडऩे के लिए कहा। बोरबोरा का कहना है कि जुबीन को दी गई सुरक्षा वापस लेनी चाहिए क्योंकि वह लोगों पर हमले कर इसका दुरुपयोग कर रहा है। जुबीन ने जमानत के लिए आवेदन किया। सेशनल कोर्ट ने उसे आईपीसी की धारा 341 के तहत एक महीने के लिए जमानत दे दी। जुबीन निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
8 सितंबर को जुबीन गर्ग स्टारर मूवी मिशन चाइना रिलीज रिलीज हुई थी। फिल्म में जुबीन ने कर्नल का किरदार निभाया है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। फिल्म का निर्देशन भी जुबीन गर्ग ने किया था। मिशन चाइना असम की अब तक की सबसे महंगी फिल्म है। फिल्म के निर्माण पर करीब 2 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह फिल्म ढाई साल में बनकर तैयार हुई। मिशनल चाइना का डेली कलेक्शन बजरंगी भाईजान और बाहुबली से भी ज्यादा था।
जुबीन गर्ग का हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट पर एक आर्मी ऑफिसर के साथ झगड़ा हो गया था। जुबीन गर्ग नई दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल पर अपने कुछ फैंस के साथ गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट के लिए इंतजार कर रहे थे। एक व्यक्ति जिसने खुद को मेजर बताया और जिसने अरुणाचल प्रदेश के तेंगा में तैनात होने का दावा किया, ने जुबीन से आर्मी कैप हटाने को कहा। मेजर का कहना था कि सिविलियंस के लिए सेना के कपड़े पहनना गैर कानूनी है। जुबीन ने जो कैप पहन रखी थी उस पर आर्मी का चिन्ह था। जुबीन ने कैप हटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई।
बाद में जुबीन ने पत्रकारों से कहा, मैंने अधिकारी को कहा कि आप मेजर हैं लेकिन मैं कर्नल हूं और तुम्हें मुझे सैल्यूट करना चाहिए। मैं मेजर की गुवाहाटी में ठुकाई करने के बारे में सोचा था लेकिन ऐसा नहीं करने का फैसला किया। रिटायर्ड एयरफोर्स सार्जेंट बिकास कुमार दास ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर सैन्य अधिकारी के कथित अपमान के मामले में जुबीन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। असम के रहने वाले बिकास कुमार दास ने जुबीन को गिरफ्तार करने की मांग की थी।
उन्होंने दावा किया था कि जुबीन एयरपोर्ट पर नशे की हालत में थे। हालांकि बाद में जुबीन ने फेसबुक पर माफी मांग ली थी। फेसबुक पोस्ट में जुबीन ने लिखा था, यह पूरी तरह से गैर इरादतन था। मैं सीरियसली माफी मांगना चाहूंगा। गौरतलब है कि जुबीन गर्ग की सैन्य अधिकारी के खिलाफ अपमानजक टिप्पणियों को लेकर कड़ी आलोचना हो रही थी। जुबीन ने कहा, एयरपोर्ट पर मेरे हालिया कमेंट्स को लेकर मैंने कई प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं देखी। कुछ लोगों की दलील थी कि यह भारतीय सेना के सम्मान का अपमान है। मैं भारतीय सेना से प्यार करता हूं। मैं भी आर्मी के  बारे में बहुत पैशनेट हूं।