दक्षिणी असम और त्रिपुरा में 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव के लिए कृत्रिम और आधुनिक हथियारों के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। 15 अक्टूबर को महाषष्ठी या बोधन के साथ शुरू हो रहे महोत्सव में घरों में पर देवी दुर्गा की मूर्तियां लाई जाती हैं।

त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अखिल कुमार शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा, 9,900 की बड़ी संख्या में त्रिपुरा पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) कर्मियों के अलावा केंद्र के अर्धसैनिक बलों को भी इस दौरान किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए निगरानी रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, टीएसआर, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), असम राइफल्स और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ कई बैठकें की हैं।उन्होंने कहा, बीएसएफ सैनिक भारत-बांग्लादेश सीमा पर कड़ी निगरानी रखेंगे।

पुलिस प्रमुख ने कहा कि त्वरित प्रक्रिया के लिए टीमें तथा बम और डॉग स्क्वायड किसी भी स्थिति के लिए तैयार रखे जाएंगे और लगभग 100 वाच टॉवर, 230 सीसीटीवी कैमरे और 150 पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कुछ ज्यादा (2,527) स्थानों पर सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजित हो रही है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 1,570 स्थानों पर दुर्गा पूजा आयोजित हो रही है। उनके अनुसार, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर से लगे चार जिलों में 1,500 स्थानों पर दुर्गा पूजा आयोजित हो रही है।