Ranthambore Ganesh ji, Ranthambore, Rajasthan

हर माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन विधि- विधान से भगवान गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है। भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। फाल्गुन मास की विनायक चतुर्थी आज यानी 6 फरवरी को पड़ रही है। विनायक चतुर्थी के दिन विधि- विधान से भगवान गणेश की पूजा- अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

यह भी पढ़े : राशिफल 6 मार्च : आज इन राशियों पर मेहरबान रहेंगे बजरंगबली, इन राशि वालों का सितारों की तरह चमकेगा भाग्य, देखिए संपूर्ण राशिफल 


विनायक चतुर्थी पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।

इसके बाद घर के मंदिर में सफाई कर दीप प्रज्वलित करें।

दीप प्रज्वलित करने के बाद भगवान गणेश का गंगा जल से जलाभिषेक करें।

इसके बाद भगवान गणेश को साफ वस्त्र पहनाएं।

भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक लगाएं और दूर्वा अर्पित करें।

भगवान गणेश को दूर्वा अतिप्रिय होता है। जो भी व्यक्ति भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करता है, भगवान गणेश उसकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। 

भगवान गणेश की आरती करें और भोग लगाएं। आप गणेश जी को मोदक, लड्डूओं का भोग लगा सकते हैं। 

इस पावन दिन भगवान गणेश का अधिक से अधिक ध्यान करें। 

अगर आप व्रत रख सकते हैं तो इस दिन व्रत रखें।

यह भी पढ़े : Love Horoscope : आज इन राशि वालों को प्रेमी का मिलेगा पूरा साथ, मेष, मिथुन, कुंभ वाले प्रेम जीवन में रहेंगे मग्न


विनायक चतुर्थी महत्व

इस पावन दिन का बहुत अधिक महत्व होता है।

विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा- अर्चना करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। 

विनायक चतुर्थी के दिन व्रत रखने से विघ्न दूर हो जाते हैं।