सावन का महीना चल रहा है। इस महीने में पड़ने वाला हर एक दिन त्योहार जैसा होता है। हाल ही में कल रविवार 8 अगस्त को अमावस्या है जो कि हरियाली एकादशी के नाम से जाना जाता है। हर माह में कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या के नाम से जाना जाता है। बता दें कि इसे हरियाली अमावस्या भी कहते है। हरियाली अमावस्या के दिन पेड़- पौधों की पूजा करनी चाहिए। 

बताया जाता है कि पेड़-पौधों की पूजा करने से सभी तरह के कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान का भी बहुत अधिक महत्व होता है। ध्यान दें कि इस समय कोरोना वायरस की वजह से घर में रहना ही सुरक्षित है। नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर, मां गंगा का ध्यान करें और फिर स्नान कर लें।

ऐसे करें पूजा-

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। 

स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

सूर्य देव को अर्घ्य दें।

अगर आप उपवास रख सकते हैं तो इस दिन उपवास भी रखें।

इस दिन पितर संबंधित कार्य करने चाहिए। 

पितरों के निमित्त तर्पण और दान करें। 

इस पावन दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

इस पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।

इस दिन विधि- विधान से भगवान शंकर की पूजा- अर्चना भी करें।

पीपल की पूजा करें-

धार्मिक पुराणों के अनुसार पीपल के पेड़े में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। इस पावन दिन पीपल की पूजा जरूर करें। और साथ ही तुलसी का पूजन करें ऐसा करने से शुभ फल मिलता है मान्यताओं के अनुसार तुलसी भगवान विष्णु को अतिप्रिय होती है। इस पावन दिन मां तुलसी की पूजा भी करें।