प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। जैसे कि हम जानते हैं कि प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। 7 जुलाई, 2021, बुधवार को प्रदोष व्रत है। हर माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। इसी तरह से साल में कुल 24 प्रदोष व्रत आते हैं। इस दिन विधि- विधान से भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
प्रदोष व्रत का महत्व की बात करें तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह के सातों दिन के प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व होता है। बुध प्रदोष व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से संतान पक्ष को लाभ होता है।

त्रयोदशी तिथि मुहूर्त
•    प्रारम्भ - 01:02 ए एम, जुलाई 07
•    समाप्त - 03:20 ए एम, जुलाई 08
•    प्रदोष काल-  शाम 07:12 बजे से 9:20 बजे तक, जुलाई 7