भगवान कृष्णो का एक विशेष स्थािन है। हर घर में इनकी पूजा की जाती हैं। लड्डू गोपाल के रूप में पूजा जाता है तो कहीं इनकी पूजा का कान्हाोजी के रूप में होती है। लड्डू गोपालजी को भगवान कृष्णा का बाल रूप माना जाता है, जिनकी सेवा ठीक उसी प्रकार से की जाती है जैसे कोई अपने नवजात शिशु को पाल-पोसकर बड़ा करता है।


अगर लड्डू गोपालजी आपके भी घर में विराजते हैं तो आपके लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी होता है। प्रथम तो यह बात मन में बैठाना बहुत आवश्यक है कि जिस भी घर में लड्डू गोपाल जी का प्रवेश हो जाता है वह घर लड्डू गोपाल जी का हो जाता है, इसलिए अपने मन से यह भाव निकाल दें कि यह मेरा घर है, क्योंकि अब वह लड्डू गोपालजी का घर है।

लड्डू गोपालजी अब आपके परिवार के सदस्य हैं, सत्य तो यह है कि अब आपका परिवार लड्डू गोपालजी का परिवार है। अतः लड्डू गोपालजी को परिवार के एक सम्मानित सदस्य का स्थान प्रदान किया जाए।रिवा परिवार के सदस्यों की आवश्यक्तातओं के अनुसार ही लड्डू गोपालजी की सभी चीजों का भी ख्यारल रखना चाहिए।