वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं। इसे बुद्ध पूर्णिमा इसलिए कहते हैं क्योंकि बताया जाता है कि इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। धार्मिक मान्यता के मुताबिक बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। सुख-समृद्धि और शांति आती है। इनकी पूजा बहुत ही विधि विधान के साथ आती है।

बता दें कि इस साल बुद्ध पूर्णिमा कई शुभ संयोगों में मनाई जाएगी। इस साल बुद्ध पूर्णिमा के दिन शिव और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। ज्योतिष के मुताबिक शिव योग 26 मई की रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, इसके बाद शिव योग लगेगा। बुद्ध पूर्णिमा मंगलवार को रात 08 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर 26 मई दिन बुधवार को शाम 04 बजकर 43 मिनट तक रहेगी।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर घर की साफ-सफाई करें। गंगा जल मिलाकर स्नान करें। भगवान विष्णु का दीपक जलाएं। घर के मुख्य द्वार पर रोली, हल्दी या कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं और गंगाजल का छिड़काव करें। बोधिवृक्ष की जड़ों में दूध अर्पित करें। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य दें।