एकादशी तिथि का बहुत अधिक महत्व होता है। हिंदू धर्म में के अनुसार यह तिथि भगवान विष्णु को प्रिय होती है। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। विष्णु जी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। बता दें कि हर माह में दो बार एकादशी एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में तिथि पड़ती है। एक साल में कुल 24 एकादशी तिथि पड़ती है।


ज्येष्ठ माह कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार जून के महीने में 6 तारीख को अपरा एकादशी है। अपरा एकादशी के दिन इस व्रत कथा को जरूर पढ़ना चाहिए। इस व्रत कथा को पढ़ने से व्रत का लाभ मिलता है। भगवान विष्णु की कृपा दिलाने वाले व्रत की कथा इस प्रकार है।

कथा-

महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से द्वेष रखता था। एक दिन अवसर पाकर इसने राजा की हत्या कर दी और जंगल में एक पीपल के नीचे गाड़ दिया। अकाल मृत्यु होने के कारण राजा की आत्मा प्रेत बनकर पीपल पर रहने लगी। मार्ग से गुजरने वाले हर व्यक्ति को आत्मा परेशान करती। एक दिन एक ऋषि इस रास्ते से गुजर रहे थे। इन्होंने प्रेत को देखा और अपने तपोबल से उसके प्रेत बनने का कारण जाना।