आज धनतेरस (Dhanteras) हैं और आज के दिन धन और निरोगी काया की कामना की जाती है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) ब्रह्माण्ड के पहले चिकित्स धनवंतरी (Dhanvantari) का रूप लेकर धरती पर आए थे। इनका अवतार अंशावतार माना जाता है।
बता दें कि धनतेरस पर धन प्राप्ति के अनेक उपाय बताए जाते हैं लेकिन सभी उपायों से बढ़कर है धन और आरोग्य के देवता धन्वं‍तरि का पावन स्तोत्र।
धन्वं‍तरि स्तो‍त्र (Dhanvantari Stotra)-

 ॐ शंखं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्मिः।
सूक्ष्मस्वच्छातिहृद्यांशुक परिविलसन्मौलिमंभोजनेत्रम॥
कालाम्भोदोज्ज्वलांगं कटितटविलसच्चारूपीतांबराढ्यम।
वन्दे धन्वंतरिं तं निखिलगदवनप्रौढदावाग्निलीलम॥

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
श्री धन्वं‍तरि स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥
धनतेरस पर सिर्फ यह एक उपाय देगा आपको मनचाहा धन, बस तीन बार पढ़ें धन्वं‍तरि स्तो‍त्र...