आज सावन के महीने का पहला प्रदोष व्रत आज यानी 5 अगस्त, दिन गुरुवार को है। बता दें कि गुरुवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है। प्रदोष व्रत करने से सभी कष्टों दूर हो जाते हैं। प्रदोष व्रत में भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा की जाती है। 

माना जाता है कि प्रदोष व्रत की पूजा के अंत में व्रत कथा का पाठ या श्रवण करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से व्रती को शुभफलों की प्राप्ति होती है। जानिए गुरु प्रदोष व्रत कथा और किन मुहूर्त में न करें भगवान शिव की पूजा-

आज के अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल - दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। 

यमगंड- सुबह 06 बजे से 07 बजकर 30 मिनट तक।

गुलिक काल- सुबह 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। 

दुर्मुहूर्त काल- सुबह 10 बजकर 13 मिनट से 11 बजकर 06 मिनट तक। 

इसके बाद दोपहर 03 बजकर 35 मिनट से 04 बजकर 28 मिनट तक। 

वर्ज्य काल- दोपहर 01 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक।