महापर्व छठ पूजा चल रही है। आज का दिन बहुत ही खास है। अभी हर तरफ छठी मइया (Chhathi Maiya) के गीत गुंजायमान हो रहे हैं और घाट चकाचक हो गए हैं। कल कार्तिक शुक्ल पंचमी पर खरना में छठ व्रतियों ने पूरे दिन उपवास पर रहकर मिट्टी के चूल्हे और आम की लकड़ी पर खरना का प्रसाद बनाया। शाम को बाद प्रसाद ग्रहण किया।

इसके बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया। आज की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य (Arghya) दिया जाएगा और कल उदयगामी सूर्य को अर्घ्य (sun Arghya) देने के बाद महापर्व छठ संपन्न होगा।
ज्योतिष के अनुसार अस्ताचलगामी सूर्य (setting sun) को अर्घ्य देने का समय शाम में 4:30 से 5:26 बजे के बीच और उदयगामी सूर्य (rising sun) को अर्घ्य देने का समय सुबह 6:34 बजे से है। शाम में अर्घ्य गंगा जल से दिया जाता है। जबकि उदयगामी सूर्य को अर्घ्य कच्चे दूध से देना चाहिए। सनातन धर्म में सूर्य उपासना का विशेष पर्व छठ है।