आज सोम प्रदोष व्रत है। आज सोमवार है जो कि भगवान शिव शंकर को समर्पित होती है। प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ने पर प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि में रखा जाता है। बताया जाता है कि त्रयोदशी के दिन व्रत रखने व विधि-विधान से पूजा करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं।


इस दिन खास भोलेनाथ शिव की कृपा से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 07 जून को सुबह 08 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर 08 जून को सुबह 11 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। व्रत का पारण 8 जून को शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। प्रदोष व्रत की पूजा सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है।


प्रदोष काल में दौरान स्नान के बाद पूजा के लिए बैठें। भगवान शिव और माता पार्वती को चंदन, पुष्प, अक्षत, धूप, दक्षिणा और नैवेद्य अर्पित करें। महिलाएं मां पार्वती को लाल चुनरी और सुहाग का सामान चढ़ाएं। मां पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करना शुभ माना जाता है। शिव की प्रदोष काल में श्रद्धापूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को निरोगी काया का वरदान मिलता है।