आज शुक्रवार है और आज शिव जी पूजा करना बहुत ही जरूरी है। आज प्रदोष व्रत है और आज के दिन भगवान शिव की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) भगवान शंकर को समर्पित होता है। इस दिन विधि- विधान से भगवान शंकर (Lord Shiva) की अराधना की जाती है।

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) का बहुत अधिक महत्व होता है। गुरु प्रदोष व्रत करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से संतान पक्ष को लाभ होता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त में पूजा करने का विशेष महत्व होता है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है....
शुभ मुहूर्तों

    ब्रह्म मुहूर्त- 05:18 ए एम से 06:12 ए एम
    अभिजित मुहूर्त- 11:56 ए एम से 12:37 पी एम
    विजय मुहूर्त- 02:00 पी एम से 02:41 पी एम
    गोधूलि मुहूर्त- 05:16 पी एम से 05:40 पी एम
    निशिता मुहूर्त- 11:50 पी एम से 12:44 ए एम, दिसम्बर 17
    प्रदोष काल- 05:27 पी एम से 08:11 पी एम- प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में पूजा करने का विशेष महत्व होता है।
आसान उपाय-

    भगवान शिव (Lord Shiva) को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग (Shivling) पर जल अर्पित करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जल अर्पित करने के बाद भगवान शिव की ये आरती अवश्य करें।