दशहरा खत्म हो गया है और अब दिवाली की तैयारियां शुरू हो गई है। आज से दिवाली (Diwali 2021) 20 दिन बाद आएगी। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पापांकुशा एकादशी (Papankusha Ekadashi) के नाम से जाना जाता है। एकादशी के दिन विधि- विधान से भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा- अर्चना की जाती है।

मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि एकादशी व्रत (ekaadashee vrat) करने से मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है। आज पापांकुशा एकादशी व्रत (Papankusha Ekadashi)है।


पापांकुशा एकादशी पूजा- विधि

    सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
    घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
    भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का गंगा जल से अभिषेक करें।
    भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
    अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
    भगवान की आरती करें।
    भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं।
    इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।
    इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

व्रत

    इस पावन दिन व्रत रखने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
    इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
    यह व्रत संतान के लिए भी रखा जाता है।
    इस व्रत को करने से निसंतान दंपतियों को संतान की प्राप्ति भी होती है।
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी का व्रत रखने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।

शुभ मुहूर्त

    ब्रह्म मुहूर्त- 04:42 ए एम से 05:32 ए एम
    अभिजित मुहूर्त- 11:43 ए एम से 12:29 पी एम
    विजय मुहूर्त- 02:01 पी एम से 02:47 पी एम
    गोधूलि मुहूर्त- 05:39 पी एम से 06:03 पी एम
    रवि योग- 06:22 ए एम से 09:22 ए एम