आज कालाष्टमी का पर्व है। आज के दिन भगवान भैरव की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। हर माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। यह तिथि भगवान भैरव को समर्पित होती है। मान्यताओं के अनुसार भगवान भैरव शंकर भगवान के अवतार हैं। कालाष्टमी को भैरवाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है।


आज जून को कालाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भैरव भगवान की पूजा करने से भय से मुक्ति मिलती है। निडर और साहसी होने का आशीर्वाद मिलता है। कलाष्टमी तिथि प्रारंभ 02 जून को रात्रि 12 बजकर 46 मिनट से है और समाप्त 03 जून को रात्रि 01 बजकर 12 मिनट पर होगी। इस पावन दिन भगवान भैरव की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और भैरव बाबा की कृपा से शत्रुओं से छुटकारा मिल जाता है।


इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और संभव हो तो इस दिन व्रत रखें। पूजा करने के लिए घर के मंदिर में दीपक प्रज्वलित करें। घर में रहकर ही भगवान भैरव की पूजा- अर्चना करें। इस दिन भगवान शंकर की भी विधि- विधान से पूजा- अर्चना के साथ साथ भगवान शंकर के साथ माता पार्वती और गणेश भगवान की भी पूजा करें। ध्यान रखें भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।