आज नवरात्रि का 8वां नवरात्रि है और आज के दिन को दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी कहते हैं। आज का दिन बहुत ही खास है। मां दुर्गा (Maa Durga) की कल तक विदाई हो जाएगी।  ओर की है। आज माता महागौरी (Mahagauri) की विधि विधान के साथ पूजा की जाएगी। महागौरी (Mahagauri) इसलिए कहते हैं क्योंकि माता का रंग अत्यंत गोरा है।

शास्त्रों में बताया गया था कि मां महागौरी (Mahagauri) ने कठिन तप कर गौर वर्ण प्राप्त किया था। मान्यता है कि मां महागौरी भक्तों के बिगड़े कामों को पूरा करती हैं। शास्त्रों के अनुसार, मां गौरी (Mahagauri) दांपत्य प्रेम (Love) की देवी हैं। आज के दिन माता महागौरी की पूजा करते समय पीले या सफेद वस्त्र भी धारण करें तो अच्छा होगा।

पूजा विधि-


सबसे पहले सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।

इसके बाद चौकी पर माता महागौरी (Mahagauri) की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद गंगा जल से शुद्धिकरण करना चाहिए।

अब चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें।

इसके बाद चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका (सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) आदि की स्थापना करें।

अब महाष्टमी (Mahashtami) या दुर्गाष्टमी (Durgashtami) व्रत का संकल्प लें और मंत्रों का जाप करते हुए मां महागौरी (Mahagauri) समेत समस्त देवी-देवताओं का ध्यान लगाएं।

अब मां महागौरी (Mahagauri) का आवाहन, आसन, अध्र्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, आभूषण, फूल, धूप-दीप, फल, पान, दक्षिणा, आरती, मंत्र  आदि करें। इसके बाद प्रसाद बांटें।

महाष्‍टमी (Mahashtami) की पूजा के बाद कन्याओं को भोजन कराना उत्तम माना गया है। कहते हैं कि ऐसा करने से मां महागौरी शुभ फल देती हैं।

मां महागौरी जाप-


1. श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि:।
महागौरी शुभं दद्यान्त्र महादेव प्रमोददो।।

2. या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

3. ओम महागौरिये: नम:।