एक दिन बाद मंगलवार, 1 मार्च को Mahashivratri का महात्योहार है। भगवान शिव की सबसे बड़ी रात्रि महाशिवरात्रि है। इस दिन भोलेनाथ शिव जी, माता पार्वती के साथ ही पूरे शिव परिवार की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और पार्वती माता का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
ध्यान रखें विवाहित लोगों को अपने जीवन साथी के साथ ही Shiva ji पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से पूजा जल्दी सफल होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
सुबह उठें और स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। घर के मंदिर में प्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा करें। गणेश पूजन के बाद Shiva-Parvati, कार्तिकेय स्वामी, नंदी की पूजा शुरू करें।

ऐसे कर सकते हैं शिव पूजा

शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। दूध चढ़ाएं और फिर जल चढ़ाएं। इसके बाद हार-फूल, वस्त्र, जनेऊ आदि चीजें चढ़ाएं। चंदन से तिलक करें। बिल्व पत्र, धतूरा, शमी पत्र, आंकड़े के फूल, गुलाब आदि अर्पित करें। मिठाई का भोग लगाएं। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। धूप-दीप जलाएं और आरती करें। अंत में पूजा में हुई जानी-अनजानी भूल के लिए क्षमा मांगे। इसके बाद प्रसाद वितरित करें और खुद भी ग्रहण करें।
Shivratri पर पति-पत्नी को एक साथ शिवलिंग पूजा करनी चाहिए। पूजा में शिव-पार्वती मंत्र ऊँ उमा महेश्वराय नमः मंत्र का जाप करें। शिव-पार्वती परिवार के देवता हैं। पूजा करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम बना रहता है। घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।