दुनिया में कई तरह के पत्थर हैं लेकिन हर पत्थर कोहीनूर (Kohinoor) नहीं होता है। इसी तरह से हर पत्थर धारण करने के शुभ फल प्राप्त नहीं होते हैं। रत्न शास्त्र की बात करें तो एक पत्थर ऐसा है जो भिखारी को राजा (king) बनाने की ताकत रखता है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार नीलम रत्न को धारण करने से पहले कुंडली का विचार करना जरूरी होता है। जानिए नीलम रत्न (Neelam stone) के चमत्कारी फायदें-
शुभ नीलम रत्न (Neelam stone)-

    जिन लोगों के लिए नीलम शुभ होता है उन्हें इसका तुरंत फायदा दिखने लगता है।
    स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
    धन- लाभ होने लगता है।
    नौकरी और व्यापार में तरक्की होने लगती है।
अशुभ नीलम रत्न  (Neelam stone)-

 नीलम हर किसी को शुभ फल नहीं देता है। जिन लोगों के लिए ये शुभ नहीं है, उन्हें स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। धन- हानि हो सकती है। कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
नीलम पहचान -

नीलम (Neelam stone) रत्न को धारण करने से पहले उसको तकीया के नीचे रखकर सोएं। अगर आपको रात में कोई भी बुरा स्वप्न नहीं आता है और अच्छी गहरी नींद आती है तो इसका मतलब है ये रत्न आपके लिए शुभ है। अगर आपको अच्छी और गहरी नींद नहीं आती है तो इस रत्न को धारण न करें। रत्न धारण करने के बाद अशुभ घटना होने पर इस रत्न को तुरंत उतार दें।