महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा (Mahishasur Mardini Maa Durga) धरती पर आ रही है। 7 अक्टूबर को मां धरती पर आएंगी और 9 दिन वास कर फिर से लोक को लौट जाएगी। इस दौरान मां की विधि विधान के साथ पूजा की जाती है। 9 दिन में मां दुर्गा (Maa Durga) के 9 रूपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा (Maa Durga) की पूजा में घट स्थापना मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है।


ज्योतिष के मुताबिक घट स्थापना (Ghatasthapana) के दिन चित्रा नक्षत्र, गुरुवार दिन साथ-साथ विष कुम्भ जैसे शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा कन्या राशि में चर्तुग्रही योग का निर्माण भी हो रहा है। घट स्थापना या कलश स्थापना का मुहूर्त 7 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक और अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट के बीच है।
ध्यान दें कि 7 अक्टूबर को चित्रा वैधृति योग का निषेध होने के कारण कलश स्थापना (kalash sthaapana) अभिजीत मुहूर्त में विशेष फलदायी होगा। बता दें कि इस मुहूर्त में जो श्रद्धालु माता का आह्वान नहीं कर पाए, वे दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से दोपहर 1 बजकर 42 मिनट तक लाभ का चौघड़िया में  हैं। 1 बजकर 42 मिनट से शाम 3 बजकर 9 मिनट तक अमृत के चौघड़िया में कलश-पूजन कर सकते हैं।