दुनिया में ऐसे विश्वास और अंधविश्वास हैं, जो लोक परंपरा और स्थानीय लोगों की मान्यताओं पर आधारित हैं। ध्यान दें कि इनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं होता है लेतिन कुछ लोग इसके धर्म का हिस्सा मानते हैं। आपने देखा होगा की चौराहों पर कई मिट्टी की तसल्ली में काले पीले तिलक किए हुए कटोरे, निंबू, आटा और मिट्टी के बर्तन रखे रहते हैं। माना जाता है कि चौराहे पर रखे टोटकों को ठोकर मारने से किसी प्रकार की कोई मुसीबत गले पड़ जाती है।

इस बात में कितनी सच्चाई है इसके बारे में हम आपको बताते हैं कि दरअसल, चौराहे पर रखी जाने वाली वस्तु अच्छे कार्य के लिए भी होती है और बुरे कार्य के लिए भी। उसमें से कुछ सामान्य पूजा की वस्तुएं होती हैं, तो कुछ तांत्रिक टोटके होते हैं। चौराहे पर कई प्रकार की चीजों में एक यह भी है कि एक कागज पर 3 प्रकार की 7-7 टिक्की होती है और ये मेहंदी, कुमकुम और एक अन्य खास चीज से बनाई जाती है। 

बता दें कि इनका उक्त का मतलब होता है कि हम हमारी आस्था से देवी-देवताओं से कुछ मांगते हैं और उनका सम्मान करते हैं। मान्यता के अनुसार इसी तरह के कुछ ऐसे टोटके होते हैं, जो कि देवी या देवताओं के सम्मान में रखे जाते हैं। इसे चौराहे पर इसीलिए रखते हैं, क्योंकि वहां पर चोगान माता होती है। चोगान माता वास्तव में कई जातियों में एक लोकदेवी का दर्जा रखती हैं इसलिए ये लोग हर खास मौके पर चौराहे पर इनका भोग रखते हैं। चोगान माता के बारे में माना जाता है कि ये माता बच्चों के सभी दोष दूर करती हैं।