मकर संक्रान्ति (Makar Sankranti 2022) का त्योहार आने वाला है, यह त्योहार 14 जनवरी शुक्रवार को मानाया जाएगा जो कि सूर्य देव (Sun God) को समर्पित होता है। जैसे कि हम जानते हैं कि सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है और सूर्य यश, पद, नौकरी और आत्मा के कारक ग्रह है। 16 जुलाई को सूर्य उत्तरायण (Uttarayan) से दक्षिणायन होने जा रहे हैं। सूर्य एक महीने के अंतराल में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। इसी प्रक्रिया को सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

उत्तर + आयन-- उत्तरायण (Uttarayan)

सूर्य (Sun) मिथुन राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसी के साथ दक्षिणायान शुरू हो जाएगा। अयन का अर्थ होता है परिवर्तन। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक वर्ष में दो अयन होते हैं। साल में दो बार सूर्य की स्थिति में परिवर्तन होता है। सूर्य 6 महीने उत्तरायण (Uttarayan) और 6 महीने दक्षिणायन (Dakshinayana) में रहते हैं।


'उत्तरायण (Uttarayan)' पर यूपी में माघ मेले का आयोजन होता है। लोग इस दिन संगम नगरी या काशी में भारी संख्या में स्नान करते हैं तो वहीं बिहार में मकर संक्रान्ति (Makar Sankranti) को खिचड़ी नाम से जाना जाता है। इस दिन उड़द, चावल, तिल, चिवड़ा, गौ, स्वर्ण, ऊनी वस्त्र दान करने का रिवाज है। इस दिन लोग घरों में खिचड़ी बनाकर भी खाते हैं और घरों में तिल और गुड़ के पकवान भी बनते हैं।