शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri) में का पर्व है और इसमें मां दुर्गा के रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के लास्ट दिन अष्टमी और लास्ट  नवरात्रि को नवमी का पर्व मनाया जाता है। मां दुर्गा (Maa Durga ) की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर विशेष पूजा होती है। आम तौर पर ज्यादातर घरों में अष्टमी (Ashtami Puja) का पूजन और नवमी (Navami) के दिन कन्या भोज (kanya bhoj) कराया जाता है।
जानकारी के लिए बता दें कि इसी दिन मां दुर्गा को विदाई दी जाती है। मां की  9 दिनों तक की गई  मूर्ति का विसर्जन किया जाता है। जानिए महासप्तमी, महाअष्टमी और महानवमी की तारीख और शुभ मुहूर्त-


महाअष्टमी तिथि (mahashtami)-


आश्विन मास के शुक्ल पक्ष 12 अक्टूबर, दिन मंगलवार को रात 09 बजकर 49 मिनट से प्रारंभ होकर 13 अक्टूबर 2021, बुधवार को रात 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी। अष्टमी का पूजन 13 अक्टूबर, बुधवार को किया जाएगा।

शुभ मुहूर्त-

पूजा के मुहूर्त : अमृत काल- 03:23 AM से 04:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त– 04:48 AM से 05:36 AM तक है।

दिन का चौघड़िया :

लाभ – 06:26 AM से 07:53 PM तक।
अमृत – 07:53 AM से 09:20 PM तक।
शुभ – 10:46 AM से 12:13 PM तक।
लाभ – 16:32 AM से 17:59 PM तक।

रात का चौघड़िया :
शुभ – 19:32 PM से 21:06 PM तक।
अमृत – 21:06 PM से 22:39 PM तक।
लाभ (काल रात्रि) – 03:20 PM से 04:53 PM तक।

महानवमी तिथि (Mahanavami)-

नवमी तिथि 13 अक्टूबर को रात 08 बजकर 07 मिनट से प्रारंभ होगी और 14 अक्टूबर को रात 06 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी।