जीवन के कई पहलु होते हैं। हर पहलु अपने स्वभाव में रहते है। धन, तरक्की, विवाह, व्यापार, नौकरी, मित्रता और दुश्मनी समेत कई चीजें जीवन में होती है। बताया जाता है कि जिन काम को सही मंशा से न किया जाए यानी जिसमें दूसरों का अहित छिपा होता है वो काम सही नहीं होता है। दूसरो को ठेस पहुंचाकर किसी काम को करने पर सफलता हासिल नहीं होती है। इस तरह से तीन बाते ऐसी होती है जो जीवन में अपमान का कारण बनती है-

झूठ
बुराई हर कोई करता है और झूठ हर शख्स बोलता है लेकिन याद रखें कि ये दोनों चीज ही ज्यादा दिनों तक टिकते हैं। एक दिन झूठ सामने आ ही जाता है। झूठ बोलकर लाभ लेते हैं तो सच सामने आने पर आप अपना मान-सम्मान खो बैठते हैं।


बुराई
दुनिया में लोग आदतवश दूसरों में कमियां निकालते रहते हैं। उनको जज करते हैं। लोग खुद की गिरबान में नहीं देखते हैं लेकिन दूसरे की बुराई करने में पीछे नहीं रहते हैं। लोग दूसरों की तरक्की और खुशियों से भी जलते हैं। ऐसे में ये दूसरों की बुराई कर उनका मान-सम्मान गिराने की कोशिश करते हैं।


पाप का धन
धन का सही इस्तेमाल करना चाहिए। अगर धन को गलत कामों में लगाएंगे तो एक दिन अहित होगा और थूथू होगी। धन के गलत इस्तेमाल से एक दिन आप अपना मान-सम्मान तक खो सकते हैं।