सिंदूर का औरत के जीवन में विशेष महत्व रखता है। सिंदूर हर सुहागन स्त्री के श्रृंगार का अहम हिस्सा है। भारत हर सुहागन स्त्री सिंदूर से अपनी मांग भरती है। शास्त्रों मे बताया गया है कि स्त्री के सिंदूर लगाने से उसके पति की आयु लंबी होती है। रोगों से उसकी रक्षा होती है। सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय थोड़ा सा सिंदूर जल में मिला लें और अपने घर के दरवाजे पर सिंदूर से स्वास्तिक के निशान बना दें।

सिंदूर से बने स्वास्तिक के निशान से घर में सुख शांति बनी रहती है। जिन घर में पति-पत्नी में अक्सर झगड़े हैं, उन्हें इस उपाय को अवश्य करना चाहिए। इसी तरह से घर के मुख्य दरवाजे पर तेल में सिंदूर मिलाकर लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है। ऐसे 40 दिन करने से घर में मौजूद वास्तुदोष दूर होता है। जैसा कि हम जानते हैं कि हिंदू धर्म के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा भी बिना सिंदूर अधूरी होती है।


धन की समस्या आने पर चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चढ़ाएं। इससे कारोबार में उन्नति होगी और धन से संबंधित सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। सिंदूर को मरीज के ऊपर से उतारकर बहते हुए जल में प्रवाहित करने से बीमारी में तेजी से लाभ मिलता है। घर के मुख्यत द्वार पर सिंदूर चढ़ी हुई भगवान श्रीगणेश की मूर्ति लगाने से घर में सुख, शां‍ति और समृद्धि बनी रहती है।