यह हफ्ता काफी धार्मिक रहने वाला है। इन दिनों काफी पर्व और व्रत रखें जाएंगे। आज के दिन की बात करें तो आज आश्विन कृष्ण अष्टमी रात्रि 8.30 बजे तक उपरांत नवमी, अष्टमी श्राद्ध जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत रखा जाएगा। 30 सितंबर को आश्विन कृष्ण नवमी रात्रि 10.09 बजे तक उपरांत दशमी। मातृ नवमी। नवमी श्राद्ध। सौभाग्यवती स्त्रियों का श्राद्ध आज ही करना चाहिए और जीवित्पुत्रिका व्रत का पारण है।
1 अक्तूबर (शुक्रवार) :- आश्विन कृष्ण दशमी रात्रि 11.04 बजे तक तदनंतर एकादशी। दशमी श्राद्ध।

2 अक्तूबर (शनिवार) :- आश्विन कृष्ण एकादशी रात्रि 11.11 बजे तक पश्चात द्वादशी। एकादशी श्राद्ध। इंदिरा एकादशी व्रत सबका।

3 अक्तूबर (रविवार) :- आश्विन कृष्ण द्वादशी रात्रि 10.30 बजे तक तदनंतर त्रयोदशी। द्वादशी श्राद्ध। चक्रांकित महाभागवतों, संन्यासियों, यति, वैष्णवों का श्राद्ध आज ही करना चाहिए। मघा श्राद्ध।

4 अक्तूबर (सोमवार) :- आश्विन कृष्ण त्रयोदशी रात्रि 9.06 बजे तक पश्चात चतुर्दशी। त्रयोदशी का श्राद्ध। सोम प्रदोष व्रत। युगादि। मास शिवरात्रि व्रत।
इस आर्टिकल को शेयर करें