वास्तु एवं ज्योतिष से संबंधित रहस्यों तथा उसके सदुपयोग सम्बंधी ज्ञान का अथाह समुद्र है। इसके सिद्धान्तों से मनुष्य अपने जीवन को सुखी, समृद्ध, शक्तिशाली और निरोगी बना सकता है। सभी वस्तुओं पर किसी न किसी ग्रह का अधिपत्य होता है। इसी तरह से हर दिशा, अलग-अलग ग्रह के अधीन होती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार व्यक्ति का कार्य क्षेत्र उसका आफिस तथा वो जहां बैठकर अपना रोजगार कमाता है दक्षिण दिशा को संबंधित करते हैं। 

कुछ इस तरह की कुर्सी पर बैठकर कारोबार करने से या आफिस में बैठने से व्यक्ति का समय खराब हो सकता है तथा चलते काम में बाधाएं आ सकती हैं। कुछ कुर्सियों पर न बैठें अन्यथा विभिन्न तरह की समस्याओं से जूझना प़ड सकता है।

काली कुर्सियों का इस्तेमाल करने से व्यक्ति के कार्यक्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण हादसे होते हैं।

अगर आपके भी बैठक की कुर्सी भुरी, काली, नीली या लोहे अथवा अल्मिनियम की बनी है तो ये उपाय करके आप भी अपने रोजगार और धन के आगमन को बढ़ा सकते हैं।

लोहे की कुर्सी पर बैठने से व्यक्ति का कारोबार मंदा प़डता है।

ऎल्युमिनियम की कुर्सी पर बैठने से व्यक्ति को अचानक से हानि का सामना करना प़डता है।

भुरे अथवा नीले रंग की कुर्सी पर बैठने से अत्यधिक हानि अथवा लाभ की संभावनाएं बनती हैं।

हरे रंग की कुर्सी पर बैठकर कार्य व्यापार करने से धन का आगमन बढ़ता है।

लाल रंग का आसन अथवा कुशन प्रयोग करने से जल्दी प्रमोशन होता है और बिजनेस अच्छा चलता है।

हरे रंग का आसन अथवा कुशन इस्तेमाल करने से धन का आगमन बढ़ता है और रोजगार में विस्तार होता है।

पीले रंग का कुशन इस्तेमाल करने से रोजगार से बाधाएं दूर होती हैं।

सफेद रंग की कुशन इस्तेमाल करने से कार्य स्थल से समस्याएं खत्म होती हैं।