ऑफिस (office) सरकारी हो या प्राइवेट, कार्य में सफलता हर क्षेत्र में ही चाहिए होती है। खून पसीने से मेहनत करने के बाद भी अगर सक्सेस हासिल ना हो तो दुख होता है। अगर आप भी मेहनत कर सक्सेस (success) हासिल करना चाहते हो तो कुछ आदतों और कुछ सामना आपकी वर्क डेस्क पर बदलनी होगी। जैसे जानिए......
पूजा का स्थान (place of worship)-

अगर आपके केबिन या शाप में आपने छोटा-सा मंदिर बना रखा है तो यह मंदिर आपकी कुर्सी के पीछे नहीं होना चाहिए। मतलब, जब आप बैठें तो आपकी पीठ मंदिर की तरफ नहीं होनी चाहिए।
पैसे या पर्स (money or purse)-

ऑफिस या दुकान में पैसे रखने की जगह इस तरह निर्धारित की जाए कि जब अलमीरा या रैक खुले तो उत्तर की तरफ उसका मुंह हो।

बैठे की दिशा (Sitting Direction)-

आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ हो तो बेहतर है। यदि संभव न हो तो पश्चिम की तरफ भी मुंह किया जा सकता है। लेकिन भूलकर भी अपनी कुर्सी इस तरह न रखें कि काम करते समय आपका मुंह दक्षिण की तरफ हो।
टेबल-

आपकी टेबल आयताकार होनी चाहिए और आपकी कुर्सी के पीछे दीवार होनी चाहिए। कुर्सी के पीछे खाली स्पेस न छोड़ें।