मध्य प्रदेश में कोरोना के केस एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं. महाराष्ट्र से लगे जिलों में ज्यादा कोरोना के केस निकलकर सामने आ रहे हैं. सरकार प्रदेश के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के लिए नए अभियान चलाकर जागरूक कर रही है. 

11 मार्च को महाशिवरात्रि है ऐसे में सरकार की परेशानियां और ज्यादा बढ़ गई हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम अपने निवास पर बैठक बुलाई थी. जिसमें बताया गया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुमान है कि इस साल 20 से 25 हजार ही श्रद्धालु पहुंचेंगे. जबकि हर साल यहां 1 लाख से अधिक भक्त आते हैं.

इसी के ही साथ बैठक में प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थानों और धार्मिक आयोजनों में श्रृद्धालुओं की संख्या सीमित रखने और बड़े आयोजन न करने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान सीएम ने महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्त निर्देश दिए. उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पड़ोसी राज्य से आने-जाने वालों की वजह से प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में समस्या का विस्तार न हो. इस पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए.

बैतूल और छिंदवाड़ा महाराष्ट्र बोर्डर के सबसे नजदीक के जिले हैं. सीएम ने दोनों जिलों में इस हफ्ते आए कोरोना केसों की जानकारी ली और वीडियो कांफ्रेंस के जरिए कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए. सीएम ने उन जिलों और संभाग के लिए अधिकृत वरिष्ठ अफसरों से भी चर्चा कर जानकारी प्राप्त की, जहां कोरोना केस बढ़ रहे हैं.

देश में 13 हजार 123 और मध्यप्रदेश में 293 केस रिकवर हुए हैं. मध्यप्रदेश का रिकवरी रेट 97.4 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय प्रतिशत 97.1 से अधिक है. मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी कुछ प्रकरण सामने आए हैं. इनमें बैतूल और छिंदवाड़ा में बुधवार को 14 -14 केस मिले हैं. बुरहानपुर में 8 केस मिले हैं झाबुआ में 4, बड़वानी और खंडवा में 3-3 केस मिले हैं.