आज सकट चौथ या तिलकुटा चौथ (Tilkuta Chauth) है। आज के दिन सुहागन अपनी पति परमेश्वर की लंबी उम्र और तरक्की, बेहतर स्वास्थ्य के लिए श्री गणेश और माता चौथ से कामना करेगी। जैसे कि हम जानते हैं कि चौथ के व्रत में चांद को अर्घ्य (Arghya) दिया जाता है, भगवान  श्रीगणेश को समर्पित सकट चौथ व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूरा माना जाता है। जानिए क्यों चौथ व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है......


चंद्रमा को अर्घ्य (Moon Arghya )-शास्त्रों में बताया गया है कि चंद्रमा को औषधियों का स्वामी और मन का कारक है। चंद्रदेव की पूजा के दौरान महिलाएं संतान और पति के दीर्घायु और निरोगी होने की कामना करती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने से सौभाग्य का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए व्रत में चांद को अर्घ्य दिया जाता है कि।
चंद्रमा अर्घ्य के लाभ-
  • चांदी के पात्र में पानी में थोड़ा सा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
  • संध्याकाल में चंद्रमा को अर्ध्य देना काफी लाभप्रद होता है।
  • चंद्रमा को अर्घ्य देने से नकारात्मकता, दुर्भावना और स्वास्थ्य (health) को लाभ मिलता है।
  • चंद्रमा को अर्घ्य देने से चंद्र की स्थिति भी मजबूत होती है।  
आज चंद्रमा को अर्घ्य देते हुए इस मंत्र का जरूर करें जाप-गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।
गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥