शारदीय नवरात्रि  (Shardiya Navratri) कल से शुरू हैं। इस बार 8 दिन ही नवरात्रि मनाया जाएगा। 8 दिनों में मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाएगी। इस साल दो तिथियां एक साथ पड़ रही है।  मान्यताओं के मुताबिक नवरात्रि के दौरान माता रानी का ध्यान करना चाहिए। ऐसा करने से हर आत्मशांति मिलती है और घर में सुख समृद्धि बढ़ती है। इसी तरह से मां दुर्गा का पाठ भी करना चाहिए।

बताया जाता है कि नवरात्र (Shardiya Navratri) में मनोकामना के अनुसार पाठ करना चाहिए। शास्त्रों मुताबिक माना जाता है कि-

  1. फल सिद्धि के लिए एक पाठ,
  2. उपद्रवशांति के लिए तीन पाठ,
  3. सब प्रकार की शांति के लिए पांच पाठ,
  4. भयमुक्ति के लिए सात पाठ,
  5. यज्ञ फल प्राप्ति के लिए नौ पाठ का विधान है।


जानकारी दे दें कि यदि कोई नौ दिन पाठ करने में असमर्थ है चार, तीन, दो या एक दिन के लिए सात्विक उपवास के साथ पाठ कर सकता है। व्रती तेरह अध्याय का अपनी सुविधा अनुसार नौ दिनों में विभाजित कर लेते हैं और अंत में सिद्धकुंजिका स्रोत का पाठ करते है। देवी को रक्त कनेर (ओरहुल) का फूल विशेष प्रिय है। समान्यत: व्रती नवमी पूजन के पश्चात उसी दिन कुमारी पूजन व हवन कार्य कर सकते हैं।