छठ (Chhath) महापर्व की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है। निगम क्षेत्र में सभी 93 घाटों को छह नवंबर तक तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं सात नवंबर से छठ (Chhath)   व्रतियों के लिए साफ-सुथरा छठ (Chhath) घाट उपलब्ध करा दिया जाएगा। घाटों की सफाई तीन चरण में पूरी करनी है। साथ ही प्रत्येक घाट के एक किलोमीटर के क्षेत्र को नो टॉलरेंस एरिया घोषित किया जाएगा।

पहले चरण की सफाई चार नवंबर तक पूरी करने के बाद पांच नवंबर से हर घाट के एक किलोमीटर का दायरा नो टॉलरेंस एरिया घोषित कर दिया जाएगा। नो टॉलरेंस एरिया का मतलब यह है कि चार नवंबर तक नगर निगम पहले चरण में सभी घाटों की सफाई करने के बाद प्रत्येक घाट और उसके एक किलोमीटर के दायरे को साफ और स्वच्छ रखेगा। 

नो टॉलरेंस एरिया में आस-पास के लोग जहां-तहां कूड़ा-कचरा नहीं फेकेंगे। गंगा नदी समेत एक किलोमीटर के दायरे में गंदगी फैलाने वाले लोगों को चिह्नित किया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके लिए संबंधित अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता को जिम्मेवारी दी गई है। पहले चरण की सफाई पूरी करने के बाद दोनों पदाधिकारी इसे नो टॉलरेंस एरिया घोषित करेंगे। 

छठ (Chhath)   पर्व में अब बहुत ही कम समय बचा है। महज 18 दिनों में पांच अंचलों के 93 घाटों को तैयार करना है। वहीं इसमें से सुरक्षित और खतरनाक घाटों को चिन्हित भी करना है। ऐसे में नगर निगम ने अपने स्तर से छठ (Chhath)   महापर्व को लेकर घाटों को तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए निगम ने आदेश भी जारी कर दिया है। सभी घाटों, तालाबों और पार्कों को तीन चरणों में तैयार करने की योजना बनायी गई है। पहले चरण में सभी घाट एवं पहुंच पथ की साफ-सफाई युद्ध स्तर पर की जाएगी। घाटों के प्रथम चरण की सफाई का कार्य चार नवंबर तक पूरा किया जाएगा। 

दीपावली के बाद लोग घर का कूड़ा और मूर्ति को गंगा में प्रवाहित करते हैं। ऐसे में सफाई पर्यवेक्षक और सफाई निरीक्षक ऐसे लोगों को गंगा में पूजन सामग्री को प्रवाहित करने से रोकेंगे। इसके लिए घाटों पर या दूसरे स्थल पर पूजन सामग्री को संग्रहित करने की व्यवस्था की जाएगी। दूसरे चरण की सफाई का कार्य छह नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा और सात नवंबर से घाट छठ (Chhath)   व्रतियों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।

गंगा किनारे सभी 93 घाटों समेत पार्कों और तालाबों की सफाई के लिए नगर निगम ने 1360 सफाई मजदूर और 133 सफाई पर्यवेक्षकों को लगाया है। प्रत्येक घाट पर 10 सफाई मजदूर और एक पर्यवेक्षक की तैनाती अलग से की गई है। जिन पदाधिकारियों को घाटों की जिम्मेदारी दी गई है वो लगातार घाटों की निगरानी करेंगे। अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सफाई के लिए जरूरी संसाधन के अतिरिक्त झाड़ू, बेल्चा, ब्लीचिंग पाउडर, चूना आदि की आपूर्ति हो।