ईश्वर की पूजा में प्रयोग में लाया जाने वाला पान भी न सिर्फ आपकी पूजा को संपूर्ण बनाता है, बल्कि तमाम तरह की परेशानियों को दूर करते हुए सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करेगा। आइए जानते हैं पान के उन चमत्कारिक टोटकों को, जिनके जरिए भाग्य चमक सकता है। 

- भगवान गणेश सभी तरह की बाधाओं को दूर करने वाले हैं। गणपति की पूजा में पान का प्रयोग सभी प्रकार की सिद्धि प्रदान करने वाला माना गया है। यदि आपको तमाम कोशिशों के बावजूद काम में सफलता नहीं मिल रही है तो आप बुधवार के दिन गणेश जी में मंदिर में जाकर पान के पत्ते के साथ सुपारी और इलायची चढ़ाएं। निश्चित रूप से बाधाएं दूर होंगी और काम पूरा होगा। वैवाहिक जीवन में मिठास लाने के लिए गणपति को मीठा पान चढ़ाएं।

- यदि आप भगवती के उपासक हैं तो आप शुक्रवार के दिन मां जगदंबा के किसी भी स्वरूप की साधना-अराधना में पान का प्रयोग अवश्य करें। साधक को चाहिए कि मन में अपनी कामना को कहते हुए शुक्रवार के दिन मां जगदंबे को मीठा पान अर्पित करे। लगातार सात शुक्रवार तक किए गए इस प्रयोग से आद्या शक्ति जरूर प्रसन्न होती हैं और साधक की मनोकामना को पूर्ण करते हुए उसके जीवन को मीठे पान की तरह मिठास से भर देती हैं।

- कई बार आपकी सुख-समृद्धि को नजर लग जाती है। यदि चाहे-अनचाहे घर में नकारात्मक उर्जा आप पर हावी होने लगे तो पान के इस प्रयोग से उसे दूर कर सकते हैं। घर के मुखिया या फिर नजर लगे व्यक्ति को पान के पत्ते में गुलाब की सात पंखुड़ियों को रखकर खिलाने से नजर दोष जाता रहता है।

- घर में यदि तनाव रहता हो या फिर किसी काम में मन न लगता हो और घर के सदस्य आए दिन बीमार रहते हों तो पान का यह प्रयोग तुरंत असर करता है। घर में साफ-सफाई के साथ प्रवेश द्वार को शुद्ध जल से पवित्र करके उसके पास हरे पान का पत्ता रोली आदि से पूजित करके टांग दें। निश्चित रूप से घर में सकारात्मकता का वास होगा और श्री की वृद्धि होगी। लेकिन इन पत्तों प्रतिदिन बदलते जरूर रहें। कोई भी पत्ता सूखा न टंगा रहे।

- यदि काफी श्रम करने के बावजूद कारोबार में लगातार घाटा हो रहा हो तो शनिवार के दिन पांच पीपल के हरे पत्ते और पांच डंठल वाले पान के पत्ते को एक धागे में पिरोकर अपनी ऑफिस या दुकान की पूर्व की दिशा में किसी पवित्र स्थान में टांग दें और अगले शनिवार उसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। ध्यान रहे कि पान के पत्ते और पीपल के पत्ते कटे-फटे न हों। इस उपाय को सात शनिवार करने से निश्चित रूप से लाभ होता है।