चैत्र का महीना खत्म होते ही बंगाली नववर्ष शुरू हो जाता है और बंगाल में इस दिन को नए साल की तरह मनाया जाता है। बंगाल में इसे पोइला बोइशाख के नाम से जाना जाता है। यह वैशाख माह का पहला दिन होता है। जैसे 1 जनवारी को नया साल मनाया जाता है ठीक उसी तरह से वैशाख महिने का पहला दिन ही नए साल की तरह होता है। इस दिन बंगाली लोग एक दूसरे को नए साल की बधाई देते हैं।

बता दें कि इस नए साल को हैप्पी न्यू इयर कह कर बधाईयां नहीं दी जाती है बल्की बंगाली भाषा में “शुभो नोबो बोरसो” बोलकर शुभकामना दी जाती है। शुभो नोबो बरसो का अर्थ होता है- नया साल मुबारक हो। मान्यता है कि बंगाल में वैशाख का महीना काफी शुभ होता है. इस समय सारे शुभ काम किए जाते हैं, जिसमें नया बहीखाता शुरू करने से लेकर शादी-विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन, घर खरीदने जैसे कार्य शामिल हैं।

बंगाली लोग नए कपड़े पहनते हैं और कई तरह के पकवान बनाकर मेहमानों को पेश करते हैं. साथ ही कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। पोइला बोइशाख के दिन बंगाली लोग अपने घरों को साफ करते हैं. फिर स्नान कर नए कपड़े पहनकर पूजा पाठ कर व्यापारी भी नया लेखा-जोखे की शुरुआत करते हैं। इस दिन घर सजाना, मंदिर जाना, बड़ों का आशीष लेने की परंपरा है।