फाल्गुन का महीना चल रहा है। यह बहुत ही खुशियों से भरा त्योहार होता है। इसमें भगवान शिव की खास कृपा होती है। बताया जाता है इस महीने में भगवान शिव की पूजा करने से खास कृपा प्राप्त होती है। अभी फाल्गुन का महीना हिंदू कैलेंडर के हिसाब से साल का आखिरी महीना होता है।

इसके बाद चैत्र (April) के महीने से Hindu New Year की शुरुआत हो जाती है। हर माह में एक अमावस्या और एक पूर्णिमा तिथि जरूर होती है। दोनों तिथियों को शास्त्रों में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। Phalguna Amavasya को पितरों को मोक्ष दिलाने वाली Amavasya कहा गया है। इस बार फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि 2 मार्च 2022 को बुधवार के दिन पड़ेगी।यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा ने मणिपुर में भरी हुंकार, कहा-शत-प्रतिशत भाजपा सरकार की होगी वापसी
अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त दान, तर्पण और श्राद्ध आदि किए जाते हैं। इस दिन पवित्र ​नदियों में स्नान करने का भी विशेष महत्व है। कहा जाता है कि फाल्गुन अमावस्या को पवित्र नदियों में स्नान करने से देवी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यहां जानिए फाल्गुन मास की अमावस्या से जुड़ी खास बातें-
दो शुभ योग-फाल्गुन अमावस्या तिथि की शुरुआत 1 मार्च दिन मंगलवार को देर रात 01:00 बजे से होगी।2 मार्च को रात 11:04 बजे तक रहेगी।इसी दिन दो शुभ योग, शिव योग और सिद्ध योग भी बन रहे हैं।शिव योग सुबह 08:21 बजे तक रहेगा, उसके बाद सिद्ध योग लग जाएगा। सिद्ध योग 3 मार्च को सुबह 05:43 बजे तक रहेगा।इन शुभ योग में किया गया कोई भी काम सफल होता है।