Shani Dev को शास्त्रों में न्याय का देवता कहा गया है। यह इंसान को उसके कर्मों से फल देते हैं और सजा के तौर पर उसके जीवन को नर्क बना देते हैं। यदि आपके कर्म शुभ होंगे तो शनिदेव के कर्मफल कभी आपके लिए अशुभ नहीं होंगे लेकिन अगर आपके कर्म बुरे हैं तो Shani Sade Sati, शनि ढैय्या (Shani Dhaiya) या शनि महादशा (Shani Mahadasha) के दौरान आपको वो परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं, इसके लिए आप यह उपाय पर कर सकते हैं....


इन कामों से भी शनि होते प्रसन्न– हर Shani Dev हनुमान जी का पूजन करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।– शनिवार के दिन पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि से संबन्धित कष्ट दूर होते हैं।
– महादेव को शनि अपना गुरु मानते हैं और श्रीकृष्ण को आराध्य मानते हैं। शनिवार के दिन महादेव और श्रीकृष्ण की पूजा करने से भी शनि प्रसन्न होते हैं. महामृत्युंजय मंत्र शनि के प्रभावों को दूर करने में काफी उपयोगी है।
– काले कुत्ते या किसी भी कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों का तेल लगी रोटी खिलाने से शनि की कृपा मिलती है।
– जरूरतमंदों की सेवा करने, शनिवार के दिन काले तिल, सरसों का तेल, काले वस्त्र आदि दान करने से भी शनि से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
–शनिवार के दिन शनि मंत्रों का जाप भी शनिदेव के प्रकोप से बचाता है और उनकी कृपा का पात्र बनाता है।ये हैं शनि मंत्र –

1. ॐ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात2. ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम