भगवान गणेश का जन्मदिन आने वाला है। इस दिन श्री गणेश का धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन गणेश के जन्मोत्वस को एक त्योहार के रूप में मनाते हैं। गणेश जी की पूजा अर्चना करने से कृपा और सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। गणेश चतुर्थी के दिन खास सावधानियां रखनी बहुत ही जरूरी होता है। शास्त्रों के मुताबिक इस दिन काले और नीले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए।

इस दिन लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है। गणेश चतुर्थी पूजन का शुभ मुहर्त दोपहर 12:17 बजे शुरू होकर और रात 10 बजे तक रहेगा। कहा जाता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन न करें और अगर भूलवश चंद्रमा के दर्शन कर भी लें, तो जमीन से एक पत्थर का टुकड़ा उठाकर पीछे की ओर फेंक दें।भोग-गणेश जी को पूजन करते समय दूब, घास, गन्ना और बूंदी के लड्डू अर्पित करने चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। बताया जाता है कि गणपति जी को तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए। मान्यता है कि तुलसी ने भगवान गणेश को लम्बोदर और गजमुख कहकर शादी का प्रस्ताव दिया था, इससे नाराज होकर गणपति ने उन्हें श्राप दे दिया था।
पूजा विधि-गणेश चतुर्थी के दिन प्रातरू काल स्नान-ध्यान करके गणपति के व्रत का संकल्प लें। इसके बाद दोपहर के समय गणपति की मूर्ति या फिर उनका चित्र लाल कपड़े के ऊपर रखें। फिर गंगाजल छिड़कने के बाद भगवान गणेश का आह्वान करें। भगवान गणेश को पुष्प, सिंदूर, जनेऊ और दूर्वा (घास) चढ़ाए।  इसके बाद गणपति को मोदक लड्डू चढ़ाएं, मंत्रोच्चार से उनका पूजन करें। गणेश जी की कथा पढ़ें या सुनें, गणेश चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें।