आज चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है और आज के दिन मां के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है। आज मां दुर्गा के सातवें स्वरूप की विधि विधान से पूजा करने से मां कृपा बरसाती है। बता दें कि मां कालरात्रि का शरीर अंधकार की तरह काला है। मां के लंबे और बिखरे हुए बाल, गले में माला है जो बिजली की तरह चमकते रहती है। मां कालरात्रि के चार हाथों में खड्ग, लौह शस्त्र, वरमुद्रा और अभय मुद्रा है।


मां की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण कर मां की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं। मां को लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें। पुष्प अर्पित कर रोली कुमकुम लगाएं। मां को मिष्ठान, पंच मेवा, पांच प्रकार के फल अर्पित करें और शहद का भोग अवश्य लगाएं।


मां कालरात्रि का मंत्र-
‘ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:।’
मंत्र-
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥