कल 19 नवंबर शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) पर्व है। यह दिन बहुत ही खास है। इस पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन भारी संख्या में श्रद्धालु पूरे महीने गंगा स्नान करते हैं। पूर्णिमा (Purnima) के दिन महीने भर चलने वाले गंगा स्नान की पूर्णाहूति होगी।
जानकारी दे दें कि सनातन धर्म (Sanatan Dharma) में कार्तिक पूर्णिमा का बहुत ही महत्व है। इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा को किसी भी नदी में स्नान करना चाहिए। सबसे अधिक महत्व राजस्थान के पुष्कर झील में स्नान करने का है। बिहार में गंगा और गंडक (Gandak) के संगम में स्नान करने का पुराणों में बहुत ही महत्व है।

कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के दिन स्नान करके विष्णु भगवान का 16 उपचार से पूजन करने का विशेष महत्व है। स्नान के बाद
‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय, ओम नमो नारायणाय’
मंत्रों का जाप करना चाहिए। पूर्णिमा का व्रत 18 को मनाया जाएगा, क्योंकि 19 को सूर्यास्त के समय पूर्णिमा नहीं है। 18 को पूर्णिमा दिन में 11:34 के बाद से प्रारंभ हो रही है। 18 को काशी में देवताओं की दिवाली मनाई जाएगी।