आज नवरात्र का दूसरा दिन है। इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है और विधिविधान से पूजा की जाती है। बताया जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम में वृद्धि होती है। मां ब्रह्मचारिणी जीवन की कठिन समय में मन कर्तव्य पथ से विचलित नहीं होने देती है। मां समस्त दोषों को दूर करती हैं।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से मां सर्वत्र सिद्धि और विजय प्राप्त होती है। मां की उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, संयम और सदाचार की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप अत्यंत भव्य एवं ज्योर्तिमय है। तपश्चारिणी, अपर्णा और उमा मां के कई नामों से जाना जाता हैं। मां की उपासना से सभी कार्य पूरे होते हैं। जीवन की हर परेशानी दूर हो जाती है।


मां को सफेद और सुगंधित फूल अर्पित करें। कमल का फूल देवी मां को अर्पित करें। घी व कर्पूर मिलाकर देवी मां की आरती करें। मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग प्रिय है। मां को शक्कर का भोग लगाने से परिजनों की आयु में वृद्बि होती है। ब्राह्मण को भी शक्कर का दान करें।