हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस तिथि के स्वामी स्वयं चंद्रदेव हैं। इस तिथि को चंद्रमा संपूर्ण होता है। पूर्णिमा के दिन सूर्य और चंद्रमा समसप्तक है। माघ पूर्णिमा के दिन नौ ग्रहों की कृपा को आसानी से पाया जा सकता है। इस दिन स्नान, दान व ध्यान विशेष फलदायी होता है। माघ पूर्णिमा पर ग्रहों के दिन किया गया दान विशेष फलदायी होता है। इस साल माघ पूर्णिमा 27 फरवरी 2021 (शनिवार) है।

माघ पूर्णिमा शुभ मुहूर्त-

माघ पूर्णिमा आरंभ- 26 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार को शाम 03 बजकर 49 मिनट से।

माघ पूर्णिमा समाप्त- 27 फरवरी 2021 दिन शनिवार दोपहर 01 बजकर 46 मिनट पर।

नौ ग्रहों की शुभता के लिए किस प्रकार करें दान-

सूर्य के कारण अपयश की समस्या होती है। इसके लिए गुड़ और गेंहू का दान करना शुभ होता है। चंद्रमा के कारण मानसिक रोग व तनाव होता है। चंद्रमा की शुभता के लिए जल, मिसरी व दूध का दान करना चाहिए। मंगल दोष के कारण आर्थिक व मुकदमेबाजी की समस्या होती है। इससे बचने के लिए मसूर की दाल दान करना चाहिए।

बुध ग्रह के कारण त्वचा और बुद्धि की समस्या हो जाती है। बुध ग्रह की शुभता के लिए आंवले और हरी सब्जियों का दान करना चाहिए। बृहस्पति के कारण सेहत संबंधी समस्याएं होती हैं। गुरु ग्रह की शुभता के कारण केला, मक्का और चने की दान का दान करना चाहिए। शुक्र ग्रह के कारण मधुमेह और आंखों की समस्या होती है। शुक्र ग्रह की शुभता के लिए घी, मक्खन और सफेद तिल आदि का दान करना चाहिए। शनि के कारण लंबी बीमारियां हो जाती हैं। इस ग्रह की शुभता के लिए काले तिल और सरसों के तेल का दान करना चाहिए।

माघ पूर्णिमा से जुड़ी अहम बातें-

- माघ में कल्पवास की परंपरा है। एक महीने तक हजारों लोग संगम तट पर रहकर व्रत और प्रतिदिन संगम स्नान करते हैं।

- माघ पूर्णिमा की पूर्णिमा पर चंद्रमा मघा नक्षत्र और सिंह राशि में होता है। इसलिए यह माघ मास कहलाता है।

- पुराणों के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु गंगा में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगा में स्नान और आचमन को शुभ फलकारी माना गया है।

-कहते हैं कि इस दिन गंगा स्नान करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

-माघ पूर्णिमा के दिन तिल, गर्म वस्त्र और कंबल का दान करने से नरक लोक से मुक्ति मिलने की मान्यता है।