ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को अपरा, अचला एकादशी कहा जाता है। इस बार एकादशी तिथि दो दिन पड़ रही है। शनिवार और रविवार दोनों दिन एकादशी तिथि के होने के कारण लोग कंफ्यूज हैं कि एकादशी तिथि का व्रत किस दिन रखना उत्तम होगा। पंडितों की मानें तो अपरा एकादशी व्रत रविवार को करना उत्तम है। दरअसल जिस तिथि में सूर्योदय माना जाता है, उस तिथि में ही व्रत करना उत्तम है। 5 तारीख को एकादशी  तिथि सूर्योदय से पहले लग  जाएगी और अगले दिन रविवार को सूर्योंदय के बाद तक रहेगी, इसलिए सूर्योदय की तिथि में एकादशी व्रत करना उत्तम रहेगा।

एकादशी तिथि 05 जून 2021 को सुबह 04 बजकर 07 मिनट से शुरू होकर 06 जून 2021 को सुबह 06 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। अपरा एकादशी व्रत पारण शुभ मुहूर्त 07 जून 2021 को सुबह 05 बजकर 12 मिनट से सुबह 07 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।

पूजा के लिए सुबह जल्दी उठें। स्वयं की शुद्धि के बाद पूजा के लिए चौकी लगाएं। उस पर स्वच्छ आसन लगाकर भगवान विष्णु का चित्र या मूर्ति स्थापित करें। विष्णु जी को चंदन का टीका लगाएं। भगवान विष्णु की पूजा में उन्हें पीले फूल अर्पित करें। तुलसी जरूर चढ़ावें। सुपारी, लौंग, धूप-दीप से पूजा करें व पंचामृत, मिठाई  और फलों का भोग लगाएं। अब व्रत संकल्प करें। भगवान की आरती करें। ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ का जाप करें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी करें। इस दिन भोजन में केवल फलाहार लें। व्रत रखने वाले व्यक्ति को छल- कपट, झूठ और परनिंदा जैसी बातों से बचना चाहिए।