हाथों के गहने अंगुठियां होती है। इनके बिना हाथ सुने सुने से लगते हैं। रिंग कई तरह की आती है। इनमें जड़े रत्न का महत्व ही बहुत अलग होता है। रत्न जीवन पर शुभ और अशुभ प्रभाव डालते हैं। इसी तरह से अंगुठी की धातु की बनी है उससे भी कई तरह के इलाज और शुभ प्रभाव जीवन पर पड़ता है। जैसे कि जाने-

•    मिरगी का दौरा पड़ना बंद करने हेतु गाय के बायें सींग की या जंगली सूअर के नाखून की अंगूठी बनाकर दाहिने हाथ की छोटी अंगुली में पहनने से मिरगी का दौरा पड़ना बंद हो जाती है।
•    मोटापा कम करने हेतु रांगा धातु की अंगूठी दाहिने हाथ की बड़ी अंगुली में पहनने से मोटापा कम हो जाता है। चर्बी कम बनती हैं।
•    ग्राहक अधिक आने व दरिद्रता दूर हेतु शनिवार की शाम दायें हाथ में एक साबुत सुपारी व तांबे का सिक्का पीपल के पेड़ के नीचे रखें। रविवार को उसी पीपल का एक पत्ता लाकर रौली से पत्ते पर ‘श्रीं’ लिखें व अपनी गद्दी के नीचे रखें या सेफ में रखें। ग्राहक अधिक आयेंगे। दरिद्रता दूर होगी।
•    टोने-टोटके से मुक्ति हेतु काले घोड़े की नाल या अंगूठी ‘कृत्तिका नक्षत्र’ वालें दिन घर के प्रवेश द्वार या अंगुली में धारण करने से किसी के किये टोने-टोटके से मुक्ति प्राप्त होती है।