शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri) आज के एक दिन बाद यानी 7 अक्टूबर गुरूवार को आरंभ हो रहे हैं। इस दौरान मां दु्र्गा धरती पर पधारती है। इस दौरान मां दुर्गा की उपासना की जाती है। 9 दिनों तक मां की पूजा अर्चना की जाती है। मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। ऐसा करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है।

जानकारी के लिए बता दें कि इस साल शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri) आठ दिन के पड़ रहे हैं। ज्योतिष के मुताबिक तृतीया और चतुर्थी तिथि एक साथ पड़ने के कारण 07 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि 14 अक्टूबर को संपन्न हो  जाएंगे।
घटस्थापना या कलश स्थापना  (Ghatasthapana) का शुभ मुहूर्त-नवरात्रि में घट स्थापना या कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना  (Ghatsthapana) का शुभ समय सुबह 06 बजकर 17 मिनट से सुबह 07 बजकर 07 मिनट तक ही है। कलश स्थापना नवरात्रि के पहले दिन यानी 07 अक्टूबर, गुरुवार को ही की जाएगी। अगर सही वक्त पर कलश स्थापना (Ghatsthapana) नहीं की जाती है तो मां दुर्गा गुस्सा करती है और गुस्से में या तो किसी तरह का नुकसान होता है या भी कोई अनहोनी निश्चित होती है। इसलिए ध्यान रखें। .