शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2021) का पर्व आने वाले हैं। यह पर्व 7 अक्टूबूर गुरूवार को शुरू होगा और 14 अक्टूबर को सपंन्न हो जाएंगे। शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) में अगर मां दूर्गा की पूजा कर रहे हैं तो ध्यान रहें कि मां दुर्गा (Maa Durga) के लिए कलश की स्थापना पंचमी को करें। अगर शुभ मूहुर्त पर कलश स्थापना (kalash sthaapana) नहीं की तो दुर्घटना घट सकती है।

इस तरह कलश स्थापना (kalash sthaapana) गलत समय पर करने से इतिहास में की घटना शामिल हैं। जैसे कि दो बार प्रथमा को कलश स्थापना  (kalash sthaapana) हुई तो मूर्ति व पंडाल में लग गई थी। हादसे के बाद आयोजक पंचमी को ही कलश स्थापना (kalash sthaapana) को देते हैं प्राथमिकता नवरात्र में पटना के शेखपुरा बेली रोड स्थित शेखपुरा दुर्गाश्रम बेली रोड में यह हादसा हुआ था।


जानकारी के लिए बता दें कि 1939 में पटना का यह एकमात्र ऐसा पूजा पंडाल है जहां कलश की स्थापना (kalash sthaapana) प्रथमा को नहीं बल्कि पंचमी को होती है। बता दें कि बीते 82 वर्षों में ऐसा केवल दो बार 1992 और 1994 में हुआ जब कलश की स्थापना प्रथम शैलपुत्री  (Shailputri) के आह्वान के साथ हुआ। तब 1992 में मूर्ति में अचानक आग लग गई थी। वहीं 1994 में पंडाल के गेट में आग लग गयी थी। इसके बाद आयोजकों ने पुरानी परंपरा का ही पालन करते हुए कलश की स्थापना पंचमी को करते हैं और अब इस तरह की दुर्घटना नहीं होती है।