बाल सभी संवारते हैं। धोना फिर कंघी करना सभी लोग करते हैं और रोज करते हैं। लेकिन क्या आपको इस बात की खबर है कि बाल खड़े हो संवारने से जिंदगी पर किस तरह  प्रभाव पड़ता है। हिन्दू धर्म में शास्त्रों  में कुछ नियम महिलाओं के बाल संवारने से भी जुड़े हैं जिसमें गलतियां होती हैं तो घर में दरिद्रता का आगमन होता हैं। महिलाओं के बाल संवारने से जुड़ी गलतियां करती है-


•    महिलाएं खड़े होकर अपने बालों को नहीं संवारे क्योंकि महिलाओं के ऐसा करने से उनके सौभाग्यह में कमी आती है और उनके पति की उम्र घटती है। महिलाएं जब भी केश संवारें तो इस बात का ध्यासन रखें कि आराम से बैठकर ही बालों में कंघी करें।
•    महिलाएं सूर्यास्त  के बाद बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए। अगर आप बालों को संवारना चाहती हैं तो आपको इस बात का ध्याहन रखना चाहिए कि बालों को सूरज ढलने से पहले ही संवार लें। ऐसा करना शुभफलदायी और सौभाग्यवर्धक माना गया है।
•    बालों में दोनों हाथों से सिर को न खुजलाएं। विष्णु पुराण में बताया गया है कि इससे श्री की हानि यानी धन का नुकसान होता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मीं नाराज होकर आपसे दूर चली जाती हैं।
•    बाल बनाते समय सुहागिन स्त्रियां अक्सर सिंदूर भी लगाती हैं। इसलिए बाल बनाते समय मुख उत्तर की ओर रखें और इस दिशा में मुंह करके सिंदूर लगाएं। उत्तर दिशा शिव-पार्वती की दिशा है। इससे महादेव और महादेवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके सिंदूर नहीं करना चाहिए।
•    रात को सोते समय महिलाएं बालों को खोलकर सोती हैं। यह कतई सही नहीं है। रात के समय बालों को खुला नहीं रखना चाहिए। इन्हें बांधकर रखना चाहिए। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं होता है। महिलाओं के रात में बाल खोलकर सोने से पति के साथ उनके संबंध बिगड़ते हैं।