महाकाल मंदिर में निर्माण के लिए खुदाई चल रही है। खुदाई के दौरान सैकड़ों साल पुरानी मूर्तियां मिली हैं। इसके साथ महाकाल मंदिर के गर्भ में कई पुरानी दीवारें भी दबी हैं। पुरातत्व विभाग को उम्मीद है कि खुदाई के दौरान कई ऐतिहासिक चीजें मिल सकती हैं। ये मूर्तियां और दीवारें 11वीं और 12वीं शताब्दी के बीच की हैं।

पुरातत्वविदों की चार सदस्यीय टीम ने खुदाई स्थल का दौरा किया है। उन लोगों ने आशंका व्यक्त की है कि ये अवशेष शुंग वंश के हो सकते हैं। दरअसल, विस्तार को महाकाल मंदिर परिसर में खुदाई चल रही है। इस दौरान एक पुरानी मूर्ति मिली है। दो दिन बाद पुरातत्वविदों की टीम बुधवार को वहां पहुंची थी। इन अवशेषों के बारे में जानकारी संस्कृति मंत्रालय को दी गई है और राज्य पुरातत्व विभाग से अवशेषों को देखने का अनुरोध किया गया है।

इसके पुरातत्व विभाग की तरफ से डॉ रमेश याडव, डॉ ध्रुवेंद्र सिंह जोधा, सर्वेक्षक योगेश पाल और पुरातत्वविद डॉक्टर राजेश कुमार की टीम ने मंदिर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया है और मंदिर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में ताजा अवशेष पाए हैं।

डॉ यादव ने कहा कि पुरातत्वविदों को मंदिर स्थल का संकेत देने वाले प्राचीन निर्माण के अंश भी मिले थे। उन्होंने कहा कि दक्षिणी छोर में सतह से चार मीटर नीचे, हमें एक दीवार के अवशेष मिले हैं जो शुंग युग से संबंधित प्रतीत होते हैं। पहले भी ऐसे अन्य अवशेष मिले हैं जो इस बात के संकेत देते हैं कि मंदिर शुंग युग में मौजूद था।