भद्रा के कारण इस बार होलिका दहन के लिए केवल एक घंटे का समय मिलेगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त आज 17 मार्च को रात्रि 9.06 बजे से 10.16 बजे तक रहेगा। भद्रा पाताल लोकवासिनी रहेगी। होली पूजन का समय इस बार दोपहर 1.29 बजे के बाद है।

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होलिका स्थल पर पूजन का मुहूर्त

फाल्गुन पूर्णिमा दोपहर 1:29 से प्रारंभ होगी। ऐसे में होलिका पूजन 1:29 के बाद ही प्रभावी होगा। इस प्रकार लाभामृत योग 1:29 से 3:30 दोपहर, शुभ योग शाम 5:00 बजे से 6:30 बजे तक।

भद्रा का साया

17 मार्च को दोपहर 1.29 से फाल्गुन मास की पूर्णिमा का शुभारंभ होगा। पूर्णिमा तिथि 18 मार्च को दोपहर 12.47 तक रहेगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्रा के मुखकाल में होलिका दहन करना वर्जित है। यदि रात्रि तक भद्रा हो तो उसका पूंछकाल (अंतिम काल) में होलिका दहन किया जा सकता है।

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होलाष्टक समाप्त

17 मार्च ( होलिका दहन के साथ)

दुल्हैंडी-18 मार्च 2022 ( रंगोत्सव)

होलिका दहन

17 मार्च 2022: रात्रि 9.06 से रात्रि 10.16 बजे तक।

ग्रहों की युति

होली बुध गुरु आदित्य योग में मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, फागुन पूर्णिमा के दिन कुंभ राशि पर सूर्य, बुध व गुरु का गोचर रहेगा। ज्योतिष शास्त्रत्त् में सूर्य का शनि की राशि पर परिभ्रमण साधना आराधना के लिए सर्वोत्तम बताया गया है।

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मांगलिक कार्य होंगे

होली दहन के साथ ही होलाष्टक खत्म हो जाएगा और मांगलिक कार्यों पर लगी रोक खत्म हो जाएगी। भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद के अनुसार, सूर्य 14 अप्रैल तक मीन राशि में रहेंगे। सूर्य के मीन राशि में जाने से मलमास शुरू हो जाएगा।