खुशियों से भरा रंगों का त्योहारा होली आने वाला है। आज से सिर्फ एक हफ्ता दूर है। लेकिन इसस पहले होलिका दहन किया जाएगा जो होली खेलने से पहले किया जाता है ज्योतिष के मुताबिक फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। इसके अगले दिन धुलेंडी का पर्व मनाया जाता है।


जैसे कि हम जानते हैं कि Holika Dahan पूर्णिमा तिथि में सूर्यास्त के बाद करना चाहिए लेकिन अगर इस बीच Bhadra Kaal हो, तो भद्राकाल में होलिका दहन नहीं करना चाहिए। इसके लिए भद्राकाल के समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए। होलिका दहन के लिए भद्रामुक्त पूर्णिमा तिथि का होना जरूरी है। शास्त्रों में भद्राकाल को अशुभ माना गया है।

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मान्यता है कि इसमें किया गया कोई भी काम सफल नहीं होता और उसके अशुभ परिणाम मिलते हैं। इस बार भी पूर्णिमा तिथि दो दिन है, साथ ही पूर्णिमा तिथि पर भद्राकाल होने के कारण लोगों में होली और होलिका दहन को लेकर संशय की स्थिति है। यहां जानिए किस दिन मनाई जाएगी होली और क्या है होलिका दहन के शुभ समय होलिका दहन का शुभ समयपूर्णिमा तिथि 17 मार्च 2022 को दोपहर 01:29 बजे से शुरू होकर 18 मार्च दोपहर 12:52 मिनट तक रहेगी. वहीं 17 मार्च को 01:20 बजे से भद्राकाल शुरू हो जाएगा और देर रात 12:57 बजे तक रहेगा।ऐसे में शाम के समय होलिका दहन नहीं किया जा सकेगा चूंकि होलिका दहन के लिए रात का समय उपर्युक्त माना गया है, ऐसे में 12:57 बजे भद्राकाल समाप्त होने के बाद होलिका दहन संभव हो सकेगा।
इसके लिए शुभ समय 12:58 बजे से लेकर रात 2:12 बजे तक है। इसके बाद ब्रह्म मुहूर्त की शुरुआत हो जाएगी।