धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता गायत्री का जन्म ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को हुआ था। हर साल ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गायत्री जयंती का पावन पर्व मनाया जाता है। इस एकादशी को निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है।

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 निर्जला एकादशी को सभी एकादशी में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। गायत्री जयंती के दिन विधि- विधान से गायत्री माता की पूजा- अर्चना करनी चाहिए। आइए जानते हैं गायत्री जयंती डेट, पूजा- विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त...

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गायत्री जयंती डेट

इस साल 11 जून, 2021, शनिवार को गायत्री जयंती मनाई जाएगी।

गायत्री जयंती मुहूर्त

एकादशी तिथि प्रारम्भ - जून 10, 2022 को 07:25 ए एम बजे

एकादशी तिथि समाप्त - जून 11, 2022 को 05:45 ए एम बजे

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गायत्री जयंती पूजा- विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।

स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।

मां गायत्री का ध्यान करें।

मां को पुष्प अर्पित करें।

गायत्री मंत्र का जप करें।

मां को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

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गायत्री मंत्र

'ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।

गायत्री जयंती का महत्व

हिंदू धर्म में इस दिन का बहुत अधिक महत्व होता है।

मां गायत्री की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।\

मां गायत्री वेदों की जननी हैं। गायत्री मां की पूजा करने से वेदों के अध्ययन करने के बराबर फल मिलता है।